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महाराष्ट्र के आनंदमठ आश्रम प्रमुख पर दुष्कर्म और POCSO के तहत केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की तलाश

महाराष्ट्र के आनंदमठ आश्रम प्रमुख पर दुष्कर्म और POCSO के तहत केस दर्ज, पुलिस ने शुरू की तलाश

नाबालिग अवस्था से यौन शोषण का आरोप

अमरावती, महाराष्ट्र। महाराष्ट्र के अमरावती जिले में स्थित आनंदमठ आश्रम के प्रमुख दत्तागिरी गुरु जयरामजी महाराज के खिलाफ दुष्कर्म और यौन शोषण के गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता महिला ने आरोप लगाया है कि जब वह नाबालिग थी, तभी से उसका लगातार यौन शोषण किया गया। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस ने दर्ज किया गंभीर धाराओं में मामला

चांदूर रेलवे पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार, आरोपित के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 64(2) (दुष्कर्म), धारा 351(2) तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप

शिकायतकर्ता महिला का आरोप है कि उसकी मुलाकात वर्ष 2014 में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान जयरामजी महाराज से हुई थी। इसके बाद वर्ष 2016 में वह आश्रम में रहने लगी, उस समय वह नाबालिग थी। महिला का आरोप है कि इसी दौरान आरोपित ने उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया और लंबे समय तक उसका यौन शोषण किया।

आरोपित फरार, पुलिस कर रही तलाश

चांदूर रेलवे पुलिस थाने के निरीक्षक सुरेश मस्के ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपित फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है और संभावित ठिकानों पर तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।

जांच जारी, पुलिस जुटा रही साक्ष्य

पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध दस्तावेजों व अन्य साक्ष्यों का भी परीक्षण किया जाएगा।

आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी बाकी

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन आरोपों की सत्यता का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा। फिलहाल आरोपित की ओर से इस मामले में कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। कानून के अनुसार, किसी भी आरोपी को अदालत द्वारा दोषी सिद्ध किए जाने तक निर्दोष माना जाता है.

Maniish Narayan

Maniish Narayan

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