शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: निफ्टी 24,000 के नीचे बंद, सेंसेक्स 715 अंक लुढ़का; इंफोसिस, SBI और डॉ. रेड्डीज़ के शेयर टूटे
Maniish Narayan 12 hours ago
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मुंबई, महाराष्ट्र। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को कारोबार के दौरान बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिसका असर आईटी, बैंकिंग और हेल्थकेयर शेयरों पर सबसे अधिक दिखाई दिया। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,755.05 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79 प्रतिशत फिसलकर 23,996.25 अंक पर आ गया। इसके साथ ही निफ्टी एक बार फिर 24,000 के अहम स्तर से नीचे बंद हुआ।
बाजार में बिकवाली का दबाव रहा हावी
पूरे कारोबारी सत्र के दौरान अधिकांश सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली। निवेशकों की सतर्कता और चुनिंदा बड़े शेयरों में हुई बिकवाली के कारण बाजार पर दबाव बना रहा। बीएसई पर कुल 4,418 शेयरों में कारोबार हुआ, जिनमें 1,473 शेयर बढ़त, 2,761 शेयर गिरावट और 184 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए। आंकड़े बताते हैं कि बाजार में गिरावट का दायरा व्यापक रहा।
इन दिग्गज शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट
निफ्टी-50 में सबसे अधिक नुकसान उठाने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, इंफोसिस, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) और डॉ. रेड्डीज़ लैबोरेट्रीज़ शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयरों में आई कमजोरी ने प्रमुख सूचकांकों पर नकारात्मक असर डाला। खासकर आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
कुछ शेयरों ने दिखाई मजबूती
गिरावट के माहौल के बावजूद कुछ दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। बजाज ऑटो, नेस्ले इंडिया, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, पावर ग्रिड कॉरपोरेशन और ओएनजीसी के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। इन शेयरों में आई तेजी ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित रखने में मदद की।
सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला प्रदर्शन
सेक्टोरल आधार पर देखें तो अधिकांश सूचकांक लाल निशान में बंद हुए। निफ्टी मीडिया इंडेक्स में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई, जिससे मीडिया कंपनियों के शेयरों पर दबाव साफ दिखाई दिया। वहीं एफएमसीजी सेक्टर सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा और इसमें 0.65 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा निफ्टी ऑटो इंडेक्स भी 0.18 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ बंद हुआ। हालांकि आईटी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं और हेल्थकेयर सेक्टर में कमजोरी बनी रही।
रुपये में भी कमजोरी
शेयर बाजार में गिरावट के साथ-साथ भारतीय मुद्रा पर भी दबाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेश और आयात लागत को लेकर बाजार में सतर्कता बनी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों का असर घरेलू बाजार पर लगातार दिखाई दे रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की जरूरत है। वैश्विक बाजारों की चाल, विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री, कंपनियों के तिमाही नतीजे और आगामी आर्थिक आंकड़े आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकते हैं। यदि निफ्टी 24,000 के स्तर के ऊपर दोबारा मजबूती से टिकने में सफल होता है तो बाजार में रिकवरी देखने को मिल सकती है, जबकि इस स्तर के नीचे लगातार कारोबार रहने पर निकट भविष्य में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना बनी रहेगी।
मौजूदा कारोबारी सत्र ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। ऐसे में विशेषज्ञ निवेशकों को गुणवत्ता वाले शेयरों में लंबी अवधि के नजरिए से निवेश करने और अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश संबंधी फैसले लेने की सलाह दे रहे हैं।
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Maniish Narayan
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