कीव, यूक्रेन
रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में बुधवार को एक और बड़ा घटनाक्रम सामने आया। यूक्रेन ने रूस की सबसे बड़ी ऑनलाइन रिटेल कंपनी वाइल्डबेरीज (Wildberries) के दो प्रमुख गोदामों पर ड्रोन हमला किया। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में 10 लोग घायल हुए हैं। वहीं कंपनी की प्रमुख तात्याना किम ने बताया कि हमले में एक महिला की मौत हुई है और तीन अन्य लोग घायल हुए हैं। अलग-अलग स्रोतों में हताहतों के आंकड़ों में अंतर होने के कारण आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।
रिपोर्टों के अनुसार, यूक्रेनी ड्रोन ने रूस के क्रैस्नोडर और नेविनोमिस्क स्थित वाइल्डबेरीज के लॉजिस्टिक केंद्रों को निशाना बनाया। हमले के बाद दोनों गोदामों में भीषण आग लग गई और धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर तक दिखाई देता रहा। दमकल विभाग और आपातकालीन सेवाओं ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया। सुरक्षा एजेंसियों ने प्रभावित परिसरों को खाली कराकर जांच शुरू कर दी है।
यूक्रेन लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि वाइल्डबेरीज के कुछ लॉजिस्टिक केंद्रों का इस्तेमाल रूस की सेना के लिए ड्रोन उपकरणों, इलेक्ट्रॉनिक सामग्री और अन्य सैन्य संसाधनों के भंडारण एवं आपूर्ति में किया जा रहा है। हालांकि रूस ने इन आरोपों को निराधार बताया है और कंपनी की ओर से भी ऐसे किसी सैन्य उपयोग की पुष्टि नहीं की गई है। इससे पहले चार दिन पहले भी कंपनी के दो अन्य ठिकानों पर हुए हमलों में आठ लोगों की मौत हुई थी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पहले ही कड़ी कर दी गई थी।
इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि उसकी नौसेना ने पिछले 48 घंटों के दौरान अजोव सागर में रूस के 13 मालवाही जहाजों पर हमले कर उन्हें नुकसान पहुंचाया है। यूक्रेन का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य रूस की सैन्य आपूर्ति और रसद व्यवस्था को बाधित करना है। हालांकि रूस ने इन दावों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है और स्वतंत्र स्रोत भी अभी इनकी पुष्टि नहीं कर पाए हैं।
दूसरी ओर रूस ने पूर्वी यूक्रेन में सैन्य बढ़त का दावा करते हुए खार्कीव और जपोरीजिया क्षेत्रों के दो और गांवों पर कब्जा करने की जानकारी दी है। रूसी रक्षा मंत्रालय के अनुसार इन क्षेत्रों पर नियंत्रण से उसकी रणनीतिक स्थिति मजबूत हुई है। यूक्रेन ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है।
युद्ध के समानांतर रूस ने उत्तरी यूक्रेन के चार्निहीव क्षेत्र में स्थित एक बिजलीघर पर भी हवाई हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा और लगभग एक लाख लोग बिजली आपूर्ति से वंचित हो गए। ऊर्जा विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में बिजली बहाल करने का प्रयास कर रही हैं।
हाल के महीनों में दोनों देशों ने ड्रोन तकनीक का व्यापक उपयोग किया है। सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि ड्रोन हमले अब युद्ध की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनका इस्तेमाल सैन्य ठिकानों के साथ-साथ ऊर्जा केंद्रों, गोदामों, पुलों और रसद नेटवर्क को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इससे दोनों पक्षों की आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होती है और युद्ध की गति पर भी असर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ते ड्रोन हमले और जवाबी सैन्य कार्रवाई इस संघर्ष को और जटिल बना रहे हैं। नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण आम लोगों को भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील करता रहा है। फिलहाल युद्ध के कई मोर्चों पर संघर्ष जारी है और आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाएंगे, इस पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।
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