मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान तनाव हिंसक झड़प में बदल गया. पत्थरबाजी और पुलिस पर हमले के बाद निर्मल नगर पुलिस ने 10 नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है, जबकि वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की भी जांच की जा रही है.
FIR के मुताबिक, यह घटना 20 मई को बांद्रा ईस्ट रेलवे स्टेशन के पास गरीब नगर इलाके में गैर-कानूनी स्ट्रक्चर हटाने के एक ऑपरेशन के दौरान हुई. यह कार्रवाई कोर्ट के आदेशों और तोड़फोड़ के तय शेड्यूल से जुड़े निर्देशों के बाद की जा रही थी. अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान मुंबई पुलिस, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स (RPF), होम गार्ड और दूसरे स्टाफ को तैनात किया था.
FIR में आगे दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए और कहा जा रहा है कि उन्होंने अशांति फैलाकर तोड़फोड़ का काम रोकने की कोशिश की. इस अफरा-तफरी के दौरान साइट पर मौजूद पुलिसवालों और अधिकारियों पर कथित तौर पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया. बाद में पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया.
खबर है कि इस घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए. शिकायत में खास तौर पर ऑपरेशन के दौरान तैनात पुलिसवालों और सुरक्षा स्टाफ को लगी चोटों का जिक्र है. बाद में घायल अधिकारियों को मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया.
पुलिस ने FIR में 10 आरोपियों के नाम लिए हैं और उन पर गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से जुड़े अलग-अलग आरोप लगाए हैं. मामले की जांच चल रही है.
अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की भी जांच कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि आगे कानून-व्यवस्था की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
भ्रामक दावों पर कार्रवाई की तैयारी
अवैध अतिक्रमण को हटाने की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक दावे और वीडियो तेजी से साझा किए गए. सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई से जुड़ी अधूरी और गलत जानकारी प्रसारित कर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई.जानकारी के मुताबिक, कुछ स्थानीय नेताओं के घटनास्थल पर पहुंचने और वहां वीडियो तथा रील रिकॉर्ड किए जाने की भी चर्चा सामने आई है.
जांच एजेंसियां और पुलिस अब उन वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल कर रही हैं, जिनके जरिए कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने या लोगों को भड़काने का प्रयास किया गया.
सूत्रों का कहना है कि मुंबई पुलिस वायरल सामग्री के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी है. साथ ही ऐसे सोशल मीडिया खातों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जिन पर भीड़ को उकसाने या तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने का आरोप है. हालांकि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है.
FIR में आगे दावा किया गया है कि भीड़ में से कुछ लोगों ने नारे लगाने शुरू कर दिए और कहा जा रहा है कि उन्होंने अशांति फैलाकर तोड़फोड़ का काम रोकने की कोशिश की. इस अफरा-तफरी के दौरान साइट पर मौजूद पुलिसवालों और अधिकारियों पर कथित तौर पर पत्थर और दूसरी चीजें फेंकी गईं, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया. बाद में पुलिस ने हालात को काबू में करने के लिए हल्का बल इस्तेमाल किया और कई लोगों को हिरासत में लिया.
खबर है कि इस घटना में कई पुलिसवाले घायल हो गए. शिकायत में खास तौर पर ऑपरेशन के दौरान तैनात पुलिसवालों और सुरक्षा स्टाफ को लगी चोटों का जिक्र है. बाद में घायल अधिकारियों को मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया.
पुलिस ने FIR में 10 आरोपियों के नाम लिए हैं और उन पर गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने, दंगा करने, सरकारी कर्मचारियों को ड्यूटी करने से रोकने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सरकारी कर्मचारियों पर हमले से जुड़े अलग-अलग आरोप लगाए हैं. मामले की जांच चल रही है.
अधिकारी हिंसा में कथित तौर पर शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों की भी जांच कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि आगे कानून-व्यवस्था की कोई दिक्कत न हो, इसके लिए इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है.
भ्रामक दावों पर कार्रवाई की तैयारी
अवैध अतिक्रमण को हटाने की इस कार्रवाई के बाद सोशल मीडिया पर कई भ्रामक दावे और वीडियो तेजी से साझा किए गए. सूत्रों के अनुसार, कार्रवाई से जुड़ी अधूरी और गलत जानकारी प्रसारित कर माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई.जानकारी के मुताबिक, कुछ स्थानीय नेताओं के घटनास्थल पर पहुंचने और वहां वीडियो तथा रील रिकॉर्ड किए जाने की भी चर्चा सामने आई है.
जांच एजेंसियां और पुलिस अब उन वायरल वीडियो और सोशल मीडिया पोस्ट की पड़ताल कर रही हैं, जिनके जरिए कथित तौर पर गलत जानकारी फैलाने या लोगों को भड़काने का प्रयास किया गया.
सूत्रों का कहना है कि मुंबई पुलिस वायरल सामग्री के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान करने में जुटी है. साथ ही ऐसे सोशल मीडिया खातों को भी जांच के दायरे में लिया जा रहा है, जिन पर भीड़ को उकसाने या तनावपूर्ण स्थिति पैदा करने का आरोप है. हालांकि इस मामले में आधिकारिक स्तर पर विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है.
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