पटना, बिहार
बिहार के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में एचआईवी और हेपेटाइटिस की जांच के लिए उपलब्ध कराई गई 2.12 लाख से अधिक एलिसा (ELISA) टेस्ट किट समय पर उपयोग नहीं होने के कारण एक्सपायर हो गई हैं। मामले के सामने आने के बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों के सिविल सर्जनों को बची हुई जांच किटों का तत्काल पुनः आवंटन (रिलोकेशन) करने का निर्देश दिया है, ताकि उनका समय रहते उपयोग किया जा सके।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में पता चला कि राज्य में एचआईवी जांच की 84,004 किट, हेपेटाइटिस-सी (HCV) की 80,544 किट और हेपेटाइटिस-बी सरफेस एंटीजन (HBsAg) की 47,424 जांच किट एक्सपायर हो चुकी हैं। इन किटों का उपयोग रक्त की जांच और संक्रमण की पहचान के लिए किया जाता है, लेकिन उचित स्थानों पर इस्तेमाल न होने से बड़ी संख्या में किट बेकार हो गईं।
राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (रक्त अधिकोष) डॉ. एन.के. गुप्ता द्वारा जारी पत्र के अनुसार, सरकारी ब्लड बैंकों में रक्त की जांच एलिसा तकनीक से की जाती है। इसके लिए पर्याप्त संख्या में जांच किट उपलब्ध रहना आवश्यक है। हालांकि समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि बड़ी संख्या में किट ऐसे अनुमंडलीय अस्पतालों, रेफरल अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) को भेज दी गईं, जहां एलिसा मशीन उपलब्ध ही नहीं थी। ऐसे में किटों का उपयोग नहीं हो सका और उनकी वैधता अवधि समाप्त हो गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि जिन स्वास्थ्य संस्थानों में एलिसा मशीन नहीं है, वहां बची हुई किटों को तुरंत सदर अस्पतालों और सरकारी ब्लड सेंटरों में स्थानांतरित किया जाए। विभाग का उद्देश्य है कि उपलब्ध किटों का समय पर उपयोग हो और सरकारी संसाधनों की बर्बादी रोकी जा सके। साथ ही भविष्य में किटों के वितरण और उपयोग की निगरानी को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
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