Ajinkya Rahane Retirement: भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद टेस्ट बल्लेबाजों में शुमार अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और सभी प्रारूपों से संन्यास लेने की घोषणा कर दी है। 31 अगस्त 2011 को इंग्लैंड के खिलाफ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच से करियर की शुरुआत करने वाले रहाणे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो साझा करते हुए अपने 15 साल लंबे क्रिकेट सफर को अलविदा कहा। अपनी शांत कप्तानी, धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी और विदेशी पिचों पर शानदार प्रदर्शन के कारण रहाणे को भारतीय क्रिकेट का 'विदेशी पिचों का सिकंदर' कहा जाता था।
रहाणे का करियर कई यादगार पारियों से भरा रहा, लेकिन कुछ पारियां ऐसी हैं जिन्होंने उन्हें भारतीय क्रिकेट इतिहास में हमेशा के लिए अमर कर दिया। आइए जानते हैं उनकी पांच सबसे बेहतरीन टेस्ट पारियों के बारे में।
1. मेलबर्न टेस्ट, 2020 – कप्तानी शतक जिसने सीरीज बदल दी
2020-21 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर एडिलेड टेस्ट में शर्मनाक हार के बाद विराट कोहली स्वदेश लौट गए थे। ऐसे मुश्किल समय में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी संभाली और मेलबर्न टेस्ट में 112 रन की शानदार पारी खेली। उनके शतक की बदौलत भारत ने मुकाबला जीतकर सीरीज 1-1 से बराबर की। यही जीत आगे चलकर ऐतिहासिक गाबा विजय की नींव बनी।
2. लॉर्ड्स टेस्ट, 2014 – इंग्लैंड में पहला ऐतिहासिक शतक
इंग्लैंड के प्रतिष्ठित लॉर्ड्स मैदान पर रहाणे ने 103 रन की शानदार पारी खेली। मुश्किल परिस्थितियों में आया यह शतक भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह बना। इस प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि रहाणे विदेशी परिस्थितियों में टीम के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज हैं।
3. वेलिंगटन टेस्ट, 2014 – न्यूज़ीलैंड में संघर्षपूर्ण 118 रन
न्यूज़ीलैंड की तेज और उछालभरी पिच पर रहाणे ने 118 रन बनाकर भारतीय बल्लेबाजी को संभाला। जब शीर्ष क्रम जल्दी आउट हो गया था, तब उन्होंने धैर्य और तकनीक का शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
4. कोलंबो टेस्ट, 2015 – श्रीलंका में मैच जिताऊ 126 रन
श्रीलंका दौरे के दूसरे टेस्ट में भारत मुश्किल में था। रहाणे ने 126 रन की शानदार पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। भारत ने यह मुकाबला जीता और बाद में टेस्ट सीरीज भी अपने नाम की। यह पारी उनकी सबसे प्रभावशाली विदेशी पारियों में गिनी जाती है।
5. जोहानिसबर्ग टेस्ट, 2018 – दक्षिण अफ्रीका में जुझारू अर्धशतक
दक्षिण अफ्रीका की तेज और चुनौतीपूर्ण पिच पर रहाणे ने पहली पारी में 48 और दूसरी पारी में 48 रन बनाए। हालांकि यह शतक नहीं था, लेकिन मुश्किल परिस्थितियों में खेली गई इन पारियों ने भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई। क्रिकेट विशेषज्ञ आज भी इसे उनकी सबसे मूल्यवान पारियों में गिनते हैं।
भारतीय क्रिकेट में हमेशा याद रहेंगे रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने अपने करियर में कई उतार-चढ़ाव देखे, लेकिन जब भी टीम इंडिया विदेशी दौरों पर संकट में होती थी, वह अक्सर सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर सामने आए। उनकी शांत कप्तानी में भारत ने 2020-21 में ऑस्ट्रेलिया को उसी की धरती पर 2-1 से हराकर ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज जीती, जिसे भारतीय क्रिकेट के सबसे सुनहरे अध्यायों में गिना जाता है।
रहाणे के संन्यास के साथ भारतीय क्रिकेट के एक ऐसे खिलाड़ी का युग समाप्त हो गया, जिसने बिना अधिक शोर-शराबे के अपने बल्ले और प्रदर्शन से करोड़ों प्रशंसकों का दिल जीता। विदेशी पिचों पर उनके साहस, संयम और मैच जिताऊ पारियां क्रिकेट प्रेमियों को हमेशा याद रहेंगी।
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